खान-पान

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बिना प्याज के बनाएं लजीज व्यंजन

कई बार हमें बगैर प्याज के ही लजीज भोजन बनाना पड़ा है। जैन समाज से जुड़े लोग अमूमन ऐसे भोजन की मांग करते हैं। सांभर के साथ सीताफल, तोरई, लौकी, पालक, बींस, टमाटर-आलू, अरवी, भरवा शिमला मिर्च समेत कई सब्जियां वैसे भी बगैर प्याज के बनती हैं, लेकिन प्याज का इस्तेमाल न करके लजीज ग्रेवी भी बनाई जा सकती है। हम लोग ऐसी ग्रेवी तैयार करते हैं। इसके सहारे हर तरह का व्यंजन बनाया जाता है। नवरात्र में भी इस तरह के खाने का लुत्फ उठाया जा सकता है। नारियल की ग्रेवी : कद्दूकस किए हुए नारियल, भीगी हुई खसखस, अदरक, हरी मिर्च व टमाटर से ग्रेवी बनाई जा सकती है। टमाटर की मात्रा ज्यादा होने से ग्रेवी गाढ़ी हो जाती है। दही की ग्रेवी : दही, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, हरी मिर्च को अच्छी तरह मिलाना होता है। फिर घी में जीरा, हींग डालकर छौंक लगाकर धीमी आंच पर पकाते हैं। इसके बाद नमक और हरा धनिया डालकर ग्रेवी तैयार हो जाती है। पालक की ग्रेवी : पहले पालक को उबालते हैं। फिर, इसमें अदरक, हरी मिर्च, टमाटर को पालक के साथ पीसते हैं। इसके बाद पैन में तेल डालकर इसे भूनते हैं। वहीं, गर्म तेल में जीरा-हींग तलना होता है। इसमें पालक की पिसी ग्रेवी डाल देते हैं। इसके बाद गरम मसाला और नमक डालकर लजीज ग्रेवी तैयार हो जाती है। टमाटर की ग्रेवी : टमाटर प्यूरी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, दरदरी सौंफ, हल्दी पाउडर, चीनी, मलाई या क्रीम, कसूरी मेथी, टोस्ट का चूरा ग्रेवी को बेहतरीन स्वाद देते हैं। इसे किसी भी सब्जी में मिलाकर जायका बढ़ाया जा सकता है। काजू-खससख की ग्रेवी : भीगी हुई खसखस व काजू, सौंफ, हरी इलायची, लौंग और दूध डालकर पीसते हैं। एक पैन में घी डालकर जीरे से लड़का लगाते हैं। इसमें दालचीनी का टुकड़ा डालते हैं। फिर, इसमें पिसे हुए काजू-खसखस की ग्रेवी डालकर धीमी आंच पर भूनना होता है। आखिर में थोड़ा दूध डालकर पकाते हैं। इस ग्रेवी से पनीर, मटर मेथी मलाई या फिर कोफ्तों का स्वाद बढ़ाया जा सकता है।